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Gaurav Koley Internet Lurker, Poet, Night Owl @ IIIT Bangalore

दिलबर

आंखों में जो मस्तियां लेकर चल रही है तू,
ऐ दिलबर, यह तो बता, तू आई कहाँ से है?

क्या तू उस नीले समुन्दर की गहराईयों से है,
या फ़िर इस जगमगते आसमान के किसी सितारे का अंश है तू ?

क्या तू मेरे किसी भूले बिसरे ख्वाब की परी है,
या फ़िर कोई अजूबा है तू?

आंखों में जो मस्तियां लेकर चल रही है तू,
हमे भी बता ऐ दिलबर, कहाँ से ये जुनून लाई है तू |


Transliterated to English:

Aankhon me jo mastiyan leke chal rhi hai tu,
Ae dilbur, ye to bta, tu aayi kaha se hai

Kya tu us neele samundar ki gehraiyon se hai,
Ya phir is jagmagte aasmaan ke kisi sitare ka ansh hai tu?

Kya tu mere kisi bhule bisre khwaab ki pari hai?
Ya phir koi andekha ajooba hai tu?

Aankhon me jo mastiyan leke chal rhi hai tu,
Hume bhi to bta de, ae dilbur, kaha se ye junoon layi hai tu.